आशा की आवाज और कल्पना

इमेजेज एण्‍ड व्‍हॉइसेस आफ होप (आशा की आवाज और कल्‍पना) के अन्‍तर्गत (Ivoh) यह माना जाता है कि मीडिया के द्वारा विश्‍व में सकारात्‍मक और सार्थक परिवर्तन लाया जा सकता है। हमारे इस वैश्विक संगठन में पत्रकार, फोटो पत्रकार, फिल्‍म मेकर, वृत्‍तचित्र बनाने वाले, विज्ञापन बनाने वाले, संचार क्रान्ति और कला एवं संस्‍कृति के क्षेत्र में नवीनता लाने वाले लोगों को शामिल किया गया है। हालांकि हम विभिन्‍न भाषायें बोलते हैं लेकिन हमारा सार्वभौमिक सूत्र है कि हमारे मीडिया के द्वारा विश्‍व में सकारात्‍मक परिवर्तन लाया जाये।

हमारी ओर से हमारा मिशन है कि हम मीडिया को सम्‍पूर्ण विश्‍व के लाभ के लिए एक एजेन्‍ट के रूप में सक्षम करें। हम इसके लिए परिचर्चायें लोगों के बीच चिन्‍तन की प्रेरणायें, इनाम घोषित करके, स्‍कॉलरशिप के लिए धन मुहैया कराके, और प्रभावाशाली कहानियों को प्रकाशित करके मीडिया के प्रभाव को प्रत्‍यक्ष करते हैं।

हम जानते हैं कि शब्‍द विश्‍व बना सकते हैं। और इस समय हमारा मानना है कि विश्‍व को नई कहानियां चाहिए।

इमेजेज एण्‍ड व्‍हॉइसेस आफ होप की स्‍थापना 1999 में 180 मीडियाकर्मियों की मैनहटन में चर्चा सत्र के रूप में हुई। उस समय समाज में मीडिया के प्रभाव के बारे में एक समान विचार रखने वाले तीन संस्‍थायें एकत्र हुई। द विजन आफ ए बेटर वर्ल्‍ड फाउण्‍डेशन, ब्रह्माकुमारी वर्ल्‍ड स्‍प्रीचुअल आर्गनाइजेशन और द सेन्‍टर फार एडवान्‍सेस इन एप्रिसियेटिव इन्‍क्‍वायरी एट केस वेस्‍टर्न रिजर्व युनिवर्सिटी, इनके एक समाज रुचि का यह परिणाम था इमेजेज एण्‍ड व्‍हॉइसेस आफ होप, जो 2008 में स्‍वतंत्र रूप से कार्य करने लगा। हम मीडिया के प्रभाव पर दुनिया में एक शक्ति-आधारित पूछताछ करने के लिए और समाज को मजबूत करने के लिए मीडिया की क्षमता का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं।

अधिक जानकारी के लिए विजिट करें www.ivoh.org