योगाभ्यास कैसे किया जाये?

 

ये सरल है, इसलिए राजयोग को दूसरे शब्दों में सहज राजयोग भी कहा जाता है। परन्तु कभी कभार इसकी शुरुआत करने में पहले इसकी थोड़ी विस्तृत जानकारी की जरूरत पड़ती है। इस अभ्यास के लिए 5 सरल कदम हैं। एक छोटे से कदम – एक विचार से ही बहुत जल्द एक शान्त स्थिति में पहुंच जायेंगे और आपको इन पांच कदमों की जरूरत भी ना पड़े।

  • पहला कदम – विश्रान्ति अर्थात्‍ तनाव और उलझनों को परे रखते हुए अपने मन और शरीर को शान्त और स्थिर करना….
  • दूसरा चरण – एकाग्रता यानि अपने समय को सुचारू रूप से उपयोग करना चाहिए। विश्रांत होने के बाद अपने चुने हुए विचारों पर ध्यान केन्द्रित करना।
  • तीसरा चरण – मनन करना – स्वयं की अपनी आन्तरिक दुनिया और अपने मूल्यों की गहराई में जाना…
  • चौथा चरण – अनुभूति – जब मेरी समझ और अहसास मिलते हैं तो और भी गहरे और सार्थक वास्तविकता की अनुभूति होती है…
  • पांचवा चरण – योगाभ्यास – अपने विचार पर ध्यान केन्द्रित करना, अपने शाश्वत अस्तित्व को याद करना और अद्भुत सुस्वस्थ स्थिति को पुन: जागृत करना।

राजयोग के बारे में और जानिए ये क्या है? इसे क्यों, कैसे, कहाँ और कब किया जाये और किस प्रकार के लोग इसका अभ्यास कर सकते हैं।
 

इस साइट में राजयोग की अधिक अनुभूति के लिए `अनुभूति' में जायें।


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