राजयोग क्या है ?

 

राजयोग अन्तर जगत की ओर एक यात्रा है। यह स्वयं को जानने या यूँ कहें कि पुन: पहचानने की यात्रा है। राजयोग अर्थात् अपनी भागदौड़ भरी जिन्दगी से थोड़ा समय निकालकर शान्ति से बैठकर आत्म निरीक्षण करना। इस तरह के समय निकालने से हम अपने चेतना के मर्म की ओर लौट आते हैं। इस आधुनिक दुनिया में, हम अपनी ज़िन्दगी से इतने दूर निकल आये हैं कि हम अपनी सच्ची मन की शान्ति और शक्ति को भूल गये हैं। फिर जब हमारी जड़े कमज़ोर  होने लगती हैं तो हम इधर-उधर के आकर्षणों में फँसने लग जाते हैं और यही से हम तनाव महसूस करने लग जाते हैं। आहिस्ते-आहिस्ते कुछ समय बाद ये अहसास  हमें बीमारियों में जकड़ लेता है क्योंकि हमारी मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य असन्तुलित हो जाता है।

 

राजयोग एक ऐसा योग है जिसे हर पृष्ठभूमि के लोग कर सकते हैं। ये एक ऐसा योग है जिसमें कोई धार्मिक प्रक्रिया या मंत्र आदि नहीं है और इसे कहीं भी और किसी भी समय किया जा सकता है। ये अभ्यास सरल और आसान  है। इस अभ्यास को आँखे खोलकर किया जाता है इसलिए ये एक बहुमुखी योग है। राजयोग एक ऐसी स्थिति है जो अपने रोज़मरा की ज़िन्दगी से कहीं ऊपर है जहाँ आध्यात्मिक सशक्तिकरण शुरु हो जाता है। आध्यात्मिक जागृति हमें व्यर्थ और नकारात्मक भावों से दूर कर अच्छे और सकारात्मक विचार चुनने में शक्ति देता है। ये हम परिस्थितियों का प्रतिकार करने के बजाए प्रत्युत्तर कर पाते हैं। हम समरसता में जीने लगते हैं, बेहतर, खुशनुम: और स्वस्थ रिश्ते बना पाते हैं और अपने जीवन का सकारात्मक परिवर्तन कर पाते हैं।